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सीकर में किसानों का महाआक्रोश: एयरपोर्ट और सीमेंट प्लांट के विरोध में कलेक्ट्रेट पर महापड़ाव

सीकर: तारपुरा और दादिया क्षेत्र के हजारों किसान सोमवार को अपनी आजीविका और जमीन बचाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। प्रस्तावित तारपुरा एयरपोर्ट, नवलगढ़-बेरी-बसावा सीमेंट प्लांट, नई रेलवे लाइन और जेरठी-दादिया अंडरपास परियोजनाओं के विरोध में किसानों ने सीकर कलेक्ट्रेट पर उग्र प्रदर्शन किया और अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM) डॉ. रतन कुमार स्वामी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

 

4,000 बीघा उपजाऊ कृषि भूमि पर संकट

किसानों ने अपनी महापंचायत और प्रदर्शन के दौरान सरकार की भूमि अधिग्रहण नीति को आड़े हाथों लिया।

  • आजीविका पर प्रहार: ग्रामीणों का आरोप है कि जिला प्रशासन केवल एयरपोर्ट परियोजना के नाम पर ही दोनों गांवों की लगभग 4,000 बीघा बेशकीमती और उपजाऊ कृषि भूमि को अधिग्रहित करने का खाका तैयार कर रहा है।

  • किसान बोले- "कहाँ जाएंगे हम?": प्रदर्शनकारी किसानों ने दर्द बयां करते हुए कहा कि बेरी-तारपुरा और दादिया इलाके में पहले रेलवे लाइन निकालने के नाम पर जमीनें ली गईं और अब एयरपोर्ट व सीमेंट प्लांट के लिए दबाव बनाया जा रहा है। अगर यह अधिग्रहण नहीं रुका, तो उनके पास खेती और पेट पालने के लिए एक इंच जमीन भी नहीं बचेगी।

 

34 बसें, 80 ट्रैक्टर और सैकड़ों गाड़ियों का रेला

कलेक्ट्रेट पर अपनी ताकत का अहसास कराने के लिए किसान सोमवार सुबह से ही एकजुट होना शुरू हो गए थे।

  • सुबह 9:30 बजे रवानगी: किसान अपने-अपने गांवों से सुबह साढ़े नौ बजे ट्रैक्टर, बसों और निजी गाड़ियों के बड़े काफिले के साथ रवाना हुए।

  • काफिले की ताकत: इस आंदोलन की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि किसानों के इस रेले में 34 बसें, 80 ट्रैक्टर, 100 से ज्यादा चौपहिया वाहन और करीब 100 मोटरसाइकिलें शामिल थीं।

 

हाईवे जाम के बाद कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च

किसानों का यह विशाल काफिला दोपहर करीब 12 बजे सीकर हाईवे पर पहुंचा, जिससे कुछ समय के लिए यातायात की गति धीमी हो गई। वहां से हजारों की तादाद में किसान पैदल मार्च करते हुए दोपहर 1:30 बजे सीकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। कलेक्ट्रेट परिसर में दाखिल होकर किसानों ने करीब आधे घंटे तक प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को बुलंद किया।

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