जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित गांधी नगर रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह उस समय अचानक हड़कंप मच गया, जब स्टेशन परिसर में बम रखे होने की सूचना मिली। हालांकि, कुछ ही देर में स्थिति स्पष्ट हो गई कि यह किसी वास्तविक खतरे की सूचना नहीं, बल्कि सुरक्षा तैयारियों और एजेंसियों के रिस्पॉन्स टाइम को परखने के लिए आयोजित की गई एक 'मॉकड्रिल' (Mock Drill) थी।
डीसीपी (ईस्ट) रंजीता शर्मा ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 11 बजे स्टेशन मास्टर द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई कि गांधी नगर रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में एक संदिग्ध बम रखा हुआ है।
सूचना मिलते ही जयपुर पुलिस, सिविल डिफेंस, एटीएस (ATS), बम एवं डॉग स्क्वायड और अग्निशमन दल (दमकल) सहित सभी प्रमुख सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आईं और भारी लाव-लश्कर के साथ मौके पर पहुँच गईं।
सुरक्षा एजेंसियों ने स्टेशन पहुँचते ही तुरंत पूरे इलाके को सील कर दिया और सुरक्षा घेरा मजबूत किया:
सर्च ऑपरेशन: एटीएस और डॉग स्क्वायड की टीम ने प्लेटफॉर्मों और सर्कुलेटिंग एरिया में सघन तलाशी अभियान (Search Operation) चलाया।
प्लेटफॉर्म खाली कराया: प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर संदिग्ध वस्तु/बम की पुष्टि होने के बाद सुरक्षा के लिहाज से यात्रियों को सुरक्षित दूर हटाया गया और पूरे प्लेटफॉर्म को खाली करा लिया गया।
सर्च ऑपरेशन के दौरान प्लेटफॉर्म नंबर-1 से बरामद संदिग्ध बम को बम डिस्पोजल स्क्वायड (BDS) की कुशल टीम ने सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय (Diffuse) कर दिया, जिसके साथ ही यह मॉकड्रिल सफलता पूर्वक संपन्न हुई।
डीसीपी शर्मा ने बताया कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में विभिन्न सुरक्षा और राहत एजेंसियों की आपसी तालमेल, सतर्कता और 'रिस्पॉन्स टाइम' (घटनास्थल तक पहुँचने में लगा समय) को मापना और नोट करना था, ताकि भविष्य में किसी भी वास्तविक खतरे से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।