जयपुर: जयपुर के खोह-नागोरियान के करीम नगर में स्थित एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में लगी भीषण आग में 8 लोगों की दर्दनाक मौत के मामले में मुख्य आरोपी कय्यूम खान को आज कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अब आगामी 20 जून को आरोपी को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस बीच पुलिस अवैध कारोबार से जुड़े वित्तीय और कानूनी पहलुओं की कड़ाई से जांच कर रही है।
अदालत में पेशी से पहले मुख्य आरोपी कय्यूम खान ने मीडिया के कैमरों के सामने खुद को बेकसूर बताने की कोशिश की:
डरकर भागने का दावा: आरोपी ने सफाई देते हुए कहा कि उसने वह फैक्ट्री किसी अन्य को किराए पर दी थी और उसमें उसकी कोई हिस्सेदारी या पार्टनरशिप नहीं थी। हादसे में 8 लोगों की मौत की खबर सुनकर वह बुरी तरह डर गया था, इसलिए शहर छोड़कर भाग गया था।
सवालों पर साधी चुप्पी: कय्यूम ने कहा कि उसे लोगों की मौत का गहरा अफसोस है। हालांकि, जब मीडिया ने उससे पटाखा कारोबार से हुई काली कमाई, फैक्ट्री में उसकी वास्तविक भूमिका और पार्टनरशिप को लेकर तीखे सवाल पूछे, तो उसने कोई जवाब नहीं दिया और चुप्पी साध ली।
अग्निकांड में जान गंवाने वाले नाबालिग रब्बिल के मामा और मामले में पीड़ित पक्ष की पैरवी कर रहे एडवोकेट हाशिम कुरैशी ने आरोपी के दावों की पोल खोली:
बयानों में विरोधाभास: एडवोकेट कुरैशी ने बताया कि कय्यूम खान कोर्ट परिसर के बाहर मीडिया के सामने खुद को मकान मालिक बता रहा था, लेकिन कोर्ट के भीतर उसके वकील ने पैंतरा बदलते हुए साफ दावा किया कि कय्यूम उस मकान का मालिक ही नहीं है।
फर्जी एग्रीमेंट का आरोप: पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कोर्ट को सूचित किया है कि आरोपी कय्यूम खान गाजियाबाद से एक फर्जी रेंट एग्रीमेंट (किरायानामा) तैयार करवा कर लाया है और उसी के आधार पर खुद को कानूनी कार्रवाई से बचाने की साजिश रच रहा है।
इस हादसे ने कई हंसते-खेलते परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया, जिसमें बाल श्रम और घोर लापरवाही की बात भी सामने आ रही है:
मासूम की मौत: एडवोकेट हाशिम कुरैशी ने बेहद भावुक होते हुए कहा कि उनका भांजा रब्बिल महज पानी पिलाने के लिए उस फैक्ट्री में गया था, लेकिन इस अवैध कारोबार की भेंट चढ़ गया। उन्होंने कहा कि नाबालिग की मौत के मामले में उनकी ओर से अलग से एक और प्राथमिकी (FIR) दर्ज करवाई जाएगी।
आरोपी के भाई फरार: मामले में कय्यूम के भाई अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। पुलिस अब तक इस पूरे नेटवर्क की 5 अवैध पटाखा फैक्ट्रियां पकड़ चुकी है, जिससे साफ है कि यह बेहद बड़े स्तर पर चल रहा अवैध रैकेट था।
खोह-नागोरियान थानाप्रभारी प्रकाशराम विश्नोई ने बताया कि पुलिस जांच में आरोपी को लेकर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:
कोई वैध दस्तावेज नहीं: पुलिस तफ्तीश में साफ हो गया है कि कय्यूम खान सीधे तौर पर पटाखा निर्माण के इस खतरनाक और अवैध कारोबार से जुड़ा था। फैक्ट्री संचालन के लिए उसके पास किसी भी प्रकार का वैध लाइसेंस या अग्निशमन विभाग के दस्तावेज नहीं थे।
यूपी-दिल्ली में काट रहा था फरारी: थानाप्रभारी ने बताया कि हादसे के बाद कय्यूम शास्त्री नगर, झोटवाड़ा, टोंक, गाजियाबाद और उत्तर प्रदेश के अन्य इलाकों में लगातार अपने ठिकाने बदल-बदल कर छिप रहा था। लेकिन जब फरारी के दौरान उसके पास पैसे पूरी तरह खत्म हो गए, तो वह वापस जयपुर लौटने की फिराक में था। इसी दौरान पुलिस ने गश्त के आधार पर घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।