जयपुर: राजधानी के करधनी इलाके में गुरुवार को एक बड़ा हादसा होने से टल गया। सीवर की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आए दो मजदूरों के लिए करधनी थाने के कांस्टेबल बाबूलाल 'देवदूत' बनकर पहुंचे। कांस्टेबल ने अपनी जान की परवाह किए बिना सीवर चैम्बर में उतरकर दोनों मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला।
हादसा उस वक्त हुआ जब एक मजदूर सीवर चैम्बर की सफाई करने के लिए नीचे उतरा था। चैम्बर के भीतर अत्यधिक जहरीली गैस होने के कारण उसका दम घुटने लगा और वह बेहोश होने लगा। अपने साथी को मुसीबत में देख उसे बचाने के लिए दूसरा मजदूर भी नीचे उतरा, लेकिन वह भी गैस के प्रभाव से खुद को संभाल नहीं पाया और दोनों अंदर ही फंस गए।
मजदूरों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे करधनी थाने के कांस्टेबल बाबूलाल ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत भांप लिया।
जोखिम भरा बचाव: उन्होंने रेस्क्यू टीम का इंतजार करने के बजाय पास ही मौजूद सीढ़ियों की मदद ली।
साहस का परिचय: अंदर दम घुटने वाली गैस और अंधेरा होने के बावजूद बाबूलाल चैम्बर में उतरे और एक-एक करके दोनों अचेत मजदूरों को खींचकर बाहर निकाला।
चैम्बर से बाहर निकालने के बाद दोनों मजदूरों को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, जहरीली गैस उनके फेफड़ों तक पहुंच गई है, जिसके कारण उनकी हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है। दोनों को गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में रखा गया है।
सोशल मीडिया और पुलिस महकमे में कांस्टेबल बाबूलाल की त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना हो रही है। चश्मदीदों का कहना है कि अगर बाबूलाल कुछ मिनट और देरी करते, तो जहरीली गैस के कारण दोनों मजदूरों की जान जा सकती थी। पुलिस के आला अधिकारियों ने भी कांस्टेबल की इस बहादुरी के लिए उन्हें पुरस्कृत करने के संकेत दिए हैं।