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जयपुर के रामगंज में गिराई गई एक तरफ झुकी 6 मंजिला बिल्डिंग, जोरदार धमाके के साथ हुआ ब्लास्ट

जयपुर: राजधानी के रामगंज थाना क्षेत्र स्थित 'चीता वालों का मोहल्ला' में गुरुवार सुबह नगर निगम की टीम ने एक बड़ा कदम उठाते हुए एक तरफ झुक चुकी छह मंजिला इमारत को पूरी तरह गिरा दिया। सुबह 10:18 बजे जैसे ही इस विशालकाय अवैध बिल्डिंग को गिराया गया, पूरा इलाका जोरदार धमाके की आवाज से गूंज उठा। हालांकि, किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन ने पहले ही पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर रखा था।

 

बिना अनुमति अवैध रूप से बनी थी 15 साल पुरानी इमारत

नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक यह पूरी इमारत नियमों को ताक पर रखकर खड़ी की गई थी:

  • पहले 4 मंजिल थी, ऊपर और बना ली: नगर निगम किशनपोल जोन के उपायुक्त विजेंद्र सिंह ने बताया कि यह बिल्डिंग करीब 10 से 15 साल पुरानी थी। इसमें पहले सिर्फ 4 मंजिलें बनी हुई थीं, लेकिन हाल ही में इसके ऊपर बिना किसी अनुमति के गैर-कानूनी तरीके से पांचवीं और छठी मंजिल का निर्माण कार्य किया जा रहा था।

  • पिलर टूटने से झुकी: इसी निर्माण कार्य के दौरान अत्यधिक भार के कारण बिल्डिंग के कुछ मुख्य पिलर क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे पूरी इमारत एक तरफ झुक गई। मकान मालिक रईस ने इस बिल्डिंग में दो दुकानें और कई कमरे बना रखे थे, जिन्हें अलग-अलग लोगों को किराए पर दिया गया था। इसमें 30 से ज्यादा लोग निवास कर रहे थे।

 

विशेषज्ञों की राय पर लिया गया एक्शन

इस इमारत पर प्रशासन की नजर पिछले महीने से ही बनी हुई थी:

  • मई में ही खाली कराया: इस अवैध बहुमंजिला इमारत के एक बड़े हिस्से में बीती 9 मई को ही भयानक दरारें आ गई थीं। खतरे को भांपते हुए नगर निगम ने उसी दिन मुस्तैदी दिखाते हुए पूरी बिल्डिंग को तुरंत खाली करा लिया था।

  • एक्सपर्ट्स ने घोषित किया असुरक्षित: इसके बाद नगर निगम की तकनीकी टीम ने विशेषज्ञों (स्ट्रक्चरल इंजीनियर्स) से कानूनी और तकनीकी राय ली। विशेषज्ञों ने सर्वसम्मति से इस झुकी हुई इमारत को बेहद असुरक्षित और आस-पास के लोगों के लिए जानलेवा माना, जिसके बाद इसे आज पूरी तरह ध्वस्त करने का अंतिम निर्णय लिया गया।

 

सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम; 15 मकान खाली कराए और बंद की बिजली

बिल्डिंग को गिराने की कार्रवाई को बेहद संवेदनशील मानते हुए प्रशासनिक अमला सुबह से ही अलर्ट पर था:

  • सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किए लोग: किसी भी तरह की जनहानि को रोकने के लिए निगम और पुलिस ने सबसे पहले बिल्डिंग के आस-पास बने 10 से 15 मकानों को पूरी तरह खाली कराया और वहां रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया।

  • बैरिकेडिंग और पुलिस बल: चौकड़ी रामचंद्रजी क्षेत्र के जगन्नाथ शाह के रास्ते में स्थित इस इलाके की ओर आने वाले सभी रास्तों को बैरिकेड्स लगाकर पूरी तरह बंद कर दिया गया था और लोगों की आवाजाही रोक दी गई थी। हादसे के वक्त शॉर्ट सर्किट न हो, इसलिए इलाके की बिजली (लाइट) काट दी गई थी और मौके पर रामगंज थाना पुलिस का भारी जाब्ता तैनात रहा।

 

तकनीकी निगरानी में पूरी हुई कार्रवाई; सामने वाली इमारत को पहुंचा आंशिक नुकसान

प्रशासन ने दावा किया है कि इस पूरी कार्रवाई में सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा गया, फिर भी आस-पास मामूली असर देखने को मिला:

  • पेड़ टूटा, सामने की दीवार को झटका: अत्यधिक ऊंची छह मंजिला बिल्डिंग होने के कारण जब इसे गिराया गया, तो इसके ठीक सामने स्थित एक अन्य इमारत को थोड़ा नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा मलबे की चपेट में आने से बिल्डिंग के बिल्कुल पास लगा एक पेड़ भी टूट गया।

  • अधिकारियों का बयान: नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पूरी ढहाने की प्रक्रिया अत्यधिक सावधानी और तकनीकी विशेषज्ञों की सीधी निगरानी में अंजाम दी गई है, ताकि घनी आबादी वाले इस परकोटा क्षेत्र की अन्य नजदीकी इमारतों को किसी बड़े और गंभीर खतरे से बचाया जा सके।

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