अजमेर: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पाकिस्तान स्थित ऑपरेटिव जसवीर चौधरी और कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी के आतंकी मॉड्यूल के खिलाफ देशव्यापी धरपकड़ अभियान चलाया है। इस कार्रवाई के तहत केंद्रीय एजेंसी की टीमों ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और महाराष्ट्र में कुल 12 संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। राजस्थान में यह छापेमारी अजमेर और कोटपूतली-बहरोड़ के नीमराना में की गई, जहां स्थानीय पुलिस की मदद से डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं और संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
राजस्थान के अजमेर शहर में एनआईए की कार्रवाई बेहद गोपनीय और सुनियोजित तरीके से की गई:
सुबह-सुबह कार्रवाई: एनआईए की टीम शुक्रवार सुबह करीब 5:00 बजे अजमेर के वरुण सागर रोड स्थित अंबिका विहार कॉलोनी पहुंची। यहां टीम ने एक सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) शिक्षक के मकान पर छापा मारा।
9 घंटे चली जांच: केंद्रीय एजेंसी की टीम दोपहर करीब 2:00 बजे तक (लगभग 9 घंटे) मकान के भीतर दस्तावेजों को खंगालती रही। टीम यहां किराए पर रहने वाले 'परमेश' नाम के एक युवक को अपने साथ हिरासत में लेकर रवाना हुई है।
अजमेर के साथ-साथ एनआईए की दूसरी टीम ने कोटपूतली-बहरोड़ जिले के औद्योगिक क्षेत्र नीमराना में दबिश दी:
स्थानीय पुलिस की मदद: केंद्रीय सुरक्षा बलों और स्थानीय पुलिस के भारी जाब्ते के साथ एनआईए ने नीमराना में संदिग्ध ठिकानों को घेरा।
दस्तावेज और गैजेट्स जब्त: इस कार्रवाई के दौरान कई संदिग्धों से गहन पूछताछ की गई और उनके पास से महत्वपूर्ण दस्तावेज व डिजिटल उपकरण (मोबाइल, लैपटॉप आदि) जब्त किए गए हैं। यहां से भी एक युवक को हिरासत में लेकर पुलिस थाने ले जाया गया है, जहां सुरक्षा एजेंसियां उससे कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरी छापेमारी के पीछे सीमा पार से रची जा रही एक बेहद खतरनाक और बड़ी आतंकी साजिश का इनपुट था:
पाकिस्तानी नेटवर्क सक्रिय: जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि पाकिस्तान में बैठा नेटवर्क भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से ड्रोन (Drone) का इस्तेमाल कर भारत में अवैध हथियार, भारी मात्रा में गोला-बारूद और खतरनाक आईईडी (Improvised Explosive Device) भेजने की फिराक में था।
मेट्रो शहरों में धमाकों की योजना: सुरक्षा एजेंसियों को पुख्ता आशंका है कि सीमा पार से भेजे जा रहे इन हथियारों और विस्फोटकों का इस्तेमाल देश की राजधानी दिल्ली और पंजाब समेत भारत के कई प्रमुख हिस्सों में बड़े आतंकी हमलों, टारगेट किलिंग और सिलसिलेवार बम धमाकों को अंजाम देने के लिए किया जाना था।
एनआईए की यह कार्रवाई किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका जाल देश के कई कोनों में फैला हुआ है:
राज्यों का आंकड़ा: इस पूरे ऑपरेशन के तहत एनआईए की टीमें उत्तर प्रदेश में पांच, महाराष्ट्र में तीन, राजस्थान में दो और बिहार में दो अलग-अलग ठिकानों पर पहुंचीं।
फंडिंग एंगल पर नजर: कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए सभी डिजिटल सबूतों और मोबाइल डेटा की फोरेंसिक जांच (Forensic Examination) कराई जा रही है। इसके साथ ही, पाकिस्तानी ऑपरेटर्स और गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े इस पूरे नेटवर्क को मिलने वाली टेरर फंडिंग (Terror Funding) के स्रोतों को भी खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पूरे मॉड्यूल और अंतरराष्ट्रीय आतंकी साजिश को लेकर जल्द ही कोई बहुत बड़ा और चौंकाने वाला आधिकारिक खुलासा किया जा सकता है।