यह पूरी घटना खोह नागोरियान के आईटीआई (ITI) कॉलेज के पास आयशा नगर तलाई क्षेत्र की है:
ज्वलनशील पदार्थ से भड़की आग: जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक ने बताया कि यह पटाखा रखने का गोदाम था। प्राथमिक दृष्टि से किसी अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ के संपर्क में आने के कारण सुबह 11 बजे अचानक आग भड़क उठी।
अवैध रूप से संचालित था गोदाम: पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पटाखों की मुख्य फैक्ट्री इस स्थान से कुछ दूरी पर है, लेकिन इस रिहायशी इलाके में यह गोदाम पूरी तरह से अवैध रूप से बनाया गया था। गोदाम मालिक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अग्निकांड की चपेट में आने से चार लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया:
मृतकों की पहचान: जान गंवाने वालों में एक मासूम बच्चा भी शामिल है। मृतकों में से एक की पहचान रामगंज निवासी अब्दुल वाहिद के रूप में हुई है, जबकि तीन अन्य मृतकों के शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है।
हादसे में झुलसे चारों युवक खोह नागोरियान के ही रहीम नगर के रहने वाले हैं, जिन्हें तुरंत एसएमएस अस्पताल पहुंचाया गया:
हालत बेहद नाजुक: एसएमएस अस्पताल के प्लास्टिक सर्जन डॉक्टर आरके जैन ने घायलों का हेल्थ बुलेटिन जारी करते हुए बताया कि मजदूर समीर और नासिर करीब 95 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं।
आईसीयू में इलाज जारी: इनके अलावा बिलाल 75 प्रतिशत और आदिब 65 प्रतिशत तक जल गया है। डॉक्टरों के मुताबिक सभी की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय विधायक अमीन कागजी ने मौके पर पहुंचकर प्रशासनिक लापरवाही पर तीखे सवाल उठाए और पुलिस को कटघरे में खड़ा किया:
सिस्टम के फेल्योर पर सवाल: विधायक ने आक्रोश जताते हुए कहा, "क्या पुलिस और प्रशासन को इतने बड़े रिहायशी इलाके में बारूद का अवैध गोदाम होने की भनक तक नहीं थी? यह सीधे तौर पर प्रशासनिक फेल्योर है।"
जिम्मेदारों पर साधा निशाना: उन्होंने आगे कहा कि लोग भी किसी न किसी दबाव में चुप रहते हैं। अब अधिकारी बहाने बनाएंगे कि मरने वाले राजस्थान के बाहर के हैं, लेकिन क्या उनकी जान की कोई कीमत नहीं है? इस अवैध कारोबार के पीछे जो भी जिम्मेदार हैं, उन पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।