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उदयपुर में हाईवे पर ड्राइवरों का भारी हंगामा: RTO इंस्पेक्टर पर लगाया 'अवैध वसूली' का आरोप; NH-48 पर लगाया जाम

उदयपुर: उदयपुर के नेशनल हाईवे-48 पर टोल नाका से काया के बीच मंगलवार को ड्राइवरों ने आरटीओ (RTO) इंस्पेक्टर के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जाम लगा दिया। ड्राइवरों का आरोप है कि आरटीओ इंस्पेक्टर द्वारा जबरन गाड़ियों को रोककर मनमानी वसूली की जा रही है। करीब 40 मिनट तक चले इस हाई-वोल्टेज हंगामे के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया। वहीं, आरटीओ प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए हंगामा करने वाले ड्राइवरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

 

गाड़ी के अंदर बैठी रहीं इंस्पेक्टर, 40 मिनट तक ठप रहा हाईवे

हाईवे पर ड्राइवरों का गुस्सा इस कदर फूटा कि देखते ही देखते यातायात पूरी तरह ठप हो गया:

  • इंस्पेक्टर का घेराव: हंगामे के दौरान आरटीओ इंस्पेक्टर चंचल माथुर हाईवे किनारे अपनी सरकारी गाड़ी के अंदर ही बैठी रहीं, जबकि बाहर ड्राइवर उनके खिलाफ लगातार नारेबाजी कर रहे थे।

  • पुलिस ने खदेड़ा: बीच हाईवे पर करीब 40 मिनट तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इसके बाद आरटीओ इंस्पेक्टर ने गोवर्धन विलास थाना पुलिस को आपात सूचना दी। मौके पर पहुंचे गोवर्धन विलास और सवीना थाने के जाब्ते (पुलिस बल) ने कड़ा रुख अपनाते हुए ड्राइवरों को खदेड़कर वहां से हटाया और हाईवे सुचारू किया।

 

"हर गाड़ी से मांगते हैं 50-100 रुपए" -ड्राइवरों का आरोप

जाम लगाने वाले वाहन चालकों ने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं:

  • लगातार वसूली का दावा: प्रदर्शनकारी ड्राइवरों का कहना है कि हाईवे से गुजरने वाली हर एक गाड़ी को जबरन रुकवाया जाता है और उनसे 50 से 100 रुपए की अवैध मांग की जाती है।

  • जाम से परेशानी: ड्राइवरों ने आरोप लगाया कि इस अवैध चेकिंग और वसूली के चक्कर में हाईवे पर रोजाना लंबा जाम लग जाता है, जिससे न केवल उनका समय बर्बाद होता है बल्कि वे मानसिक रूप से भी परेशान होते हैं।

 

आरटीओ ने आरोपों को बताया झूठा, कहा— "चालान से बचने का हथकंडा"

दूसरी ओर, ड्राइवरों द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के इन आरोपों पर उदयपुर आरटीओ (RTO) ज्ञानदेव विश्वकर्मा ने सख्त रुख अपनाया है:

  • जांच का आश्वासन: आरटीओ विश्वकर्मा ने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और झूठा करार दिया। उन्होंने कहा कि पैसे मांगने जैसी कोई बात सामने नहीं आई है, फिर भी यदि ड्राइवरों के पास कोई सबूत है तो मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।

  • राजकार्य में बाधा का केस: आरटीओ ने कहा कि असल में ये ड्राइवर नियमों के उल्लंघन पर होने वाले चालान से बचने के लिए इस तरह का हंगामा कर रहे हैं। विभाग ने कानून हाथ में लेने वाले ड्राइवरों के खिलाफ गोवर्धन विलास थाने में राजकार्य में बाधा डालने की शिकायत दर्ज करवा दी है।

 

वीडियो और फोटो से होगी उपद्रवी ड्राइवरों की पहचान

आरटीओ के निर्देश पर मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर मुकेश कुमार ने पुलिसिया और कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी:

  • थाने में दी शिकायत: इंस्पेक्टर मुकेश कुमार ने बताया कि जाम की सूचना मिलते ही वे पुलिस बल को साथ लेकर मौके पर पहुंचे थे और समझाइश व बल प्रयोग कर जाम खुलवाया।

  • साक्ष्य सौंपे: परिवहन विभाग ने कलेक्ट्रेट और पुलिस प्रशासन को हंगामे के समय के कई वीडियो और तस्वीरें (फोटो) सौंपे हैं। पुलिस इन विजुअल्स के आधार पर हाईवे जाम करने और हुड़दंग मचाने वाले ड्राइवरों की पहचान कर रही है, ताकि उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।

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