लखनऊ: सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का बुधवार सुबह लखनऊ के सिविल अस्पताल में निधन हो गया। डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल लाए जाने पर मृत घोषित कर दिया। प्रतीक की पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव सूचना मिलते ही असम से लखनऊ लौट आई हैं।
सिविल अस्पताल के चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. डीसी पांडेय ने बताया कि सुबह करीब 6 बजे प्रतीक के साले अमन सिंह बिष्ट उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे थे।
स्थिति: अस्पताल पहुंचने तक प्रतीक की पल्स पूरी तरह डाउन थी और हार्ट बीट रुक चुकी थी।
डॉक्टरों की कोशिश: डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
लखनऊ मेडिकल कॉलेज में हुए पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट में मौत का मुख्य कारण कार्डिएक अरेस्ट बताया गया है।
गंभीर स्थिति: डॉक्टरों के मुताबिक, प्रतीक के फेफड़ों में बड़ी मात्रा में खून के थक्के (Blood Clots) जम गए थे। इसे चिकित्सा विज्ञान में 'पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म' कहा जाता है।
ब्लॉक हुई नसें: इन थक्कों की वजह से फेफड़ों और हार्ट की नसों में खून का प्रवाह रुक गया, जिससे अंगों ने काम करना बंद कर दिया। विसरा और खून के नमूनों को आगे की जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
भाई के निधन की सूचना मिलते ही अखिलेश यादव पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने वहां प्रतीक के ड्राइवर से भी अकेले में बातचीत की।
अखिलेश का बयान: बाहर आकर भावुक अखिलेश ने कहा, "यह बेहद दुखद है कि वे आज हमारे बीच नहीं हैं। परिवार जो भी फैसला लेगा, हम सब साथ हैं।"
शोक व्यक्त करने पहुंचे दिग्गज: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, शिवपाल सिंह यादव, डिंपल यादव और मंत्री सुरेश खन्ना सहित कई बड़े नेताओं ने प्रतीक के आवास पर पहुंचकर संवेदनाएं व्यक्त कीं।
प्रतीक की पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव मंगलवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गई थीं। पति के निधन की खबर मिलते ही वह चार्टर्ड प्लेन से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचीं और वहां से सीधे घर रवाना हुईं।
प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। परिवार के अनुसार, अंतिम संस्कार कल यानी गुरुवार (14 मई 2026) को दोपहर 12:30 बजे लखनऊ के पिपरा घाट पर किया जाएगा। प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहकर अपना व्यवसाय और जिम चैन संभालते थे। उनके निधन पर प्रदेश के कई गणमान्य व्यक्तियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।