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NEET लीक का सच, महाराष्ट्र की प्रिंटिंग प्रेस से बाहर आया था पेपर, सीकर के टीचर को 4 मई को ही चल गया था पता

जयपुर: नीट (UG) 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद अब जांच एजेंसियों का पूरा ध्यान उन कड़ियों को जोड़ने पर है, जहां से यह पेपर पहली बार बाहर निकला। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पेपर को लीक करने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों का इस्तेमाल किया गया था।

 

सीकर के टीचर ने दी थी पहली दस्तक

जांच में खुलासा हुआ है कि सीकर की एक नामी कोचिंग में फिजिक्स पढ़ाने वाले एक टीचर को 4 मई (परीक्षा के अगले दिन) ही पेपर लीक की जानकारी मिल गई थी।

  • थाने से खाली हाथ लौटे: शिक्षक 4 मई को ही उद्योग नगर थाने में शिकायत देने पहुंचे थे, लेकिन किन्हीं कारणों से वे बिना लिखित शिकायत दिए लौट आए।

  • NTA को मेल: 6 मई को उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को विस्तार से मेल भेजकर गड़बड़ी के सबूत दिए। इसी मेल के बाद NTA हरकत में आई और राजस्थान SOG को अलर्ट किया गया।

 

नासिक की प्रिंटिंग प्रेस से जुड़ा 'लीक' कनेक्शन

जांच एजेंसियों को पुख्ता इनपुट मिले हैं कि पेपर का केंद्र राजस्थान नहीं, बल्कि महाराष्ट्र का नासिक था।

  • अवैध कॉपियां: नासिक की एक प्रिंटिंग प्रेस में पेपर छपने के दौरान ही माफिया ने इसकी कई अतिरिक्त कॉपियां निकाल ली थीं।

  • देशभर में सर्कुलेशन: वहां से माफिया ने देश के अलग-अलग राज्यों में पेपर सर्कुलेट किया। यह पेपर माफियाओं के नेटवर्क के जरिए व्हाट्सएप और फिजिकल कॉपियों के रूप में अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया।

 

'एमबीबीएस' दोस्त और माफिया का गठजोड़

CBI ने अब गिरफ्तार आरोपियों—दिनेश, मांगीलाल, विकास (जयपुर) और यश यादव (हरियाणा)—को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

  • दोस्ती और डील: मांगीलाल का बेटा विकास सवाई माधोपुर कॉलेज से MBBS कर रहा है। विकास और हरियाणा का यश यादव पुराने दोस्त हैं। दोनों ने सीकर में साथ रहकर तैयारी की थी।

  • एडवांस बुकिंग: यश यादव पेपर माफियाओं के सीधे संपर्क में था। उसने विकास के पिता और चाचा को पहले ही भरोसा दे दिया था कि परीक्षा से पहले वह पेपर उपलब्ध करा देगा, क्योंकि विकास के परिवार का ही एक लड़का इस बार नीट दे रहा था।

 

CBI के राडार पर 'मास्टरमाइंड'

सीबीआई अब उन रसूखदारों और प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारियों की तलाश कर रही है, जिन्होंने नासिक से पेपर बाहर निकाला। ट्रांजिट रिमांड पर लिए गए चारों आरोपियों से अब दिल्ली में पूछताछ की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि राजस्थान के अलावा और किन-किन राज्यों के 'सफेदपोश' इस सिंडिकेट का हिस्सा हैं।

फिलहाल, सीकर और जयपुर की कई कोचिंग संस्थानों के संचालक भी जांच के दायरे में हैं, जिनसे जल्द ही पूछताछ हो सकती है।

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