पटना: खान सर के कोचिंग संस्थान पर हुई फायरिंग और हमले के मामले में पटना की राजनीति और छात्र आंदोलन तेज हो गया है। जेल में बंद 'ज्ञान बिंदु' कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद की रिहाई की मांग को लेकर मंगलवार को छात्र एक बार फिर सड़क पर उतर आए। वहीं, दूसरी ओर पटना सिविल कोर्ट ने इस मामले के मुख्य किरदारों में शामिल खान सर की गिरफ्तारी पर अगले आदेश तक अंतरिम रोक लगा दी है।
प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और वे सड़कों पर उतर आए:
छात्रों का महामार्च: रौशन आनंद की गिरफ्तारी के विरोध में छात्र तीसरी बार सड़कों पर उतरे। पटना कॉलेज के बाहर भारी संख्या में छात्र एकजुट हुए और वहां से कारगिल चौक तक विरोध मार्च निकाला।
छात्रों के गंभीर आरोप: प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा, "बिना किसी जांच कमेटी के सीधे किसी को जेल में डाल देना पूरी तरह गलत है। रौशन सर के साथ हजारों छात्रों के जीवन का सवाल है। एक को जेल और एक को बेल देना कैसी कार्रवाई है? जो असली दोषी है वह बाहर घूम रहा है और जो मौके पर था भी नहीं, उसे जेल भेज दिया गया।"
छात्रों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल: आंदोलन के उग्र होने की आशंका को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन (पानी की बौछार करने वाली गाड़ी) भी मंगवाई गई।
सड़कों पर मचे हंगामे के बीच न्यायिक मोर्चे से रौशन आनंद के लिए बुरी खबर सामने आई:
याचिका खारिज: मंगलवार को पटना की अदालत में ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई।
जेल में ही रहेंगे डायरेक्टर: अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद रौशन आनंद की बेल (जमानत) अर्जी को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसके कारण उन्हें फिलहाल जेल में ही रहना होगा।
इसी फायरिंग और हमले के मामले में नामजद चर्चित शिक्षक खान सर के लिए मंगलवार का दिन राहत भरा रहा:
कठोर कार्रवाई पर रोक: खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना सिविल कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि अगले आदेश या अगली सुनवाई तक संबंधित व्यक्ति (खान सर) के खिलाफ कोई भी कठोर या दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।
20 जून को होगी अगली सुनवाई: खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर अब विस्तृत सुनवाई आगामी 20 जून को मुकर्रर की गई है।
अदालत के भीतर खान सर के कानूनी पक्ष ने फायरिंग की घटना को लेकर अहम दलीलें पेश कीं:
वकील का दावा: खान सर की तरफ से कोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ वकील अरविंद कुमार महुआर ने दलील दी कि कोचिंग संस्थान पर हमले के वक्त गोली पूरी तरह 'आत्मरक्षा' (Self Defense) में चलाई गई थी।
भय फैलाना मकसद नहीं: वकील ने अदालत को भरोसा दिलाते हुए कहा कि फायरिंग का मकसद किसी भी तरह से समाज या छात्रों के बीच भय फैलाना नहीं था, बल्कि वह तात्कालिक सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम था।