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राजस्थान यूनिवर्सिटी में बड़ा हादसा टला, सेंट्रल लाइब्रेरी की छत का प्लास्टर टूटकर बेंच पर गिरा, भड़के छात्रों ने HOD दफ्तर घेरा

जयपुर: राजस्थान यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब मुख्य हॉल की छत का जर्जर प्लास्टर अचानक भरभराकर नीचे छात्रों के बैठने की बेंच पर आ गिरा। गनीमत यह रही कि जिस वक्त यह प्लास्टर गिरा, उस समय उस टेबल पर कोई छात्र मौजूद नहीं था, अन्यथा किसी की जान पर बन सकती थी। इस घटना से आक्रोशित छात्र-छात्राएं सीधे विभागाध्यक्ष (HOD) के चैंबर में घुस गए और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

 

"कुछ ही देर पहले बैठी थीं छात्राएं"- बाल-बाल बचीं जिंदगियां

घटनाक्रम को लेकर यूनिवर्सिटी की छात्रा वियोना जाट ने प्रशासन की घोर लापरवाही को उजागर किया:

  • छात्राओं की टेबल पर गिरा मलबा: वियोना ने बताया कि लाइब्रेरी की छत का भारी-भरकम प्लास्टर सीधे उन टेबल्स पर आकर गिरा, जहां छात्राएं बैठकर पढ़ाई करती हैं।

  • टला बड़ा हादसा: घटना से कुछ ही देर पहले तक वहां छात्राएं बैठी हुई थीं। यदि वे समय रहते वहां से नहीं हटतीं, तो हाल ही में प्रदेश के कुछ स्कूलों में जर्जर भवनों के कारण हुए दर्दनाक हादसों की तरह यहां भी कोई बड़ा और जानलेवा हादसा हो सकता था।

 

जर्जर इमारतें दे रही हैं हादसों को न्यौता, शिकायतें अनसुनी

गुस्साए छात्रों का आरोप है कि राजस्थान यूनिवर्सिटी प्रशासन छात्रों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह लापरवाह बना हुआ है:

  • असुरक्षित हुए भवन: छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी में प्रदेशभर से हजारों छात्र अपने भविष्य को संवारने आते हैं, लेकिन यहां के कई शैक्षणिक और लाइब्रेरी भवन खुद बेहद जर्जर और असुरक्षित हो चुके हैं।

  • लापरवाही का आलम: लंबे समय से छात्र संगठन और आम विद्यार्थी यूनिवर्सिटी प्रशासन को लिखित में जर्जर इमारतों और खराब व्यवस्थाओं की शिकायतें दे रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।

 

अंबेडकर लाइब्रेरी के बंद हॉल को तुरंत खोलने की मांग

भीषण गर्मी के इस मौसम में छात्रों को पर्याप्त जगह न मिलने के कारण भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है:

  • जगह का अभाव: छात्रों ने मांग उठाई है कि कैंपस में स्थित अंबेडकर लाइब्रेरी का जो हॉल लंबे समय से बंद पड़ा है, उसे तुरंत प्रभाव से छात्रों के लिए शुरू किया जाए।

  • सुविधाओं की किल्लत: इस भीषण गर्मी में छात्र एक तो पर्याप्त जगह न होने से परेशान हैं, ऊपर से पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उन्हें ढंग से नसीब नहीं हो पा रही हैं।

 

रिनोवेशन की मांग, सरकार से हस्तक्षेप की अपील

हादसे के बाद छात्रों ने सुर में सुर मिलाकर राजस्थान सरकार और यूनिवर्सिटी प्रबंधन से तुरंत ठोस कदम उठाने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि जब तक यूनिवर्सिटी की तमाम जर्जर और पुरानी इमारतों का पूरी तरह रिनोवेशन (जीर्णोद्धार) नहीं कराया जाता, तब तक छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती। यदि जल्द ही इन भवनों की मरम्मत शुरू नहीं की गई, तो छात्र उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे।

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