उदयपुर: सोशल मीडिया पर व्यूज और लाइक्स बटोरने के चक्कर में आज के युवा किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। ऐसा ही एक मामला झीलों की नगरी उदयपुर में सामने आया, जहां फतेहसागर झील किनारे घूम रहे पर्यटकों के ऊपर नकली सांप फेंककर प्रैंक वीडियो बनाना चार युवकों को बेहद महंगा पड़ गया। इस हरकत के कारण झील किनारे डर और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया था। शिकायत और रील वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस जांच और सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के अनुसार, यह पूरी घटना 13 जून को घटित हुई थी:
खौफनाक प्रैंक: चारों युवकों ने फतेहसागर पाल पर सैर कर रहे अनजान पर्यटकों, बुजुर्गों, महिलाओं और मासूम बच्चों के ऊपर अचानक एक नकली सांप फेंक दिया।
मच गई थी अफरा-तफरी: अचानक सामने सांप गिरते देख लोग बुरी तरह घबरा गए और खुद को बचाने के लिए चीखते-चिल्लाते हुए दूर भागने लगे। युवकों ने इस पूरी घटना को कैमरे में रिकॉर्ड किया और लाइक्स के लिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अपलोड कर दिया।
जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, तो पर्यटकों की सुरक्षा और इस तरह के खतरनाक प्रैंक के तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे:
जनता का विरोध: लोगों ने कमेंट्स और सोशल मीडिया के जरिए उदयपुर पुलिस से इन हुड़दंगियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
चारों आरोपी गिरफ्तार: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया और प्रैंक वीडियो बनाने वाले मुख्य सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर कविश और उसके तीन अन्य साथियों को दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद उदयपुर पुलिस ने इन सोशल मीडिया रील्स मेकर्स को कानून का पाठ पढ़ाया और उनका एक वीडियो अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर जारी किया:
सार्वजनिक माफीनामा: पुलिस द्वारा जारी किए गए वीडियो में मुख्य आरोपी कविश सहित चारों युवक कैमरे के सामने हाथ जोड़कर खड़े नजर आ रहे हैं।
भविष्य में तौबा की: युवकों ने अपनी इस हरकत के लिए जनता और पुलिस से माफी मांगी है। साथ ही उन्होंने कान पकड़कर यह संकल्प लिया कि वे भविष्य में कभी भी व्यूज के चक्कर में किसी की जान जोखिम में डालने वाले या डराने वाले ऐसे प्रैंक वीडियो नहीं बनाएंगे।
प्रशासनिक और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को कोर्ट के समक्ष पेश किया:
जमानत पर रिहा: गिरफ्तार किए गए चारों युवकों को अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) के सामने पेश किया गया, जहां से कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। पुलिस ने सख्त हिदायत दी है कि भविष्य में यदि दोबारा ऐसी कोई शिकायत मिली, तो कड़ी कानूनी धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।