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राजस्थान रोडवेज में निजीकरण के खिलाफ हुंकार: जयपुर डिपो से मुख्यालय तक निकाली रैली

जयपुर: राजस्थान रोडवेज के सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों और विभाग में बढ़ते निजीकरण के विरोध में गुरुवार को राजधानी की सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन किया। 'राजस्थान स्टेट रोडवेज एम्पलाइज यूनियन (एटक)' के बैनर तले सैकड़ों कर्मचारियों ने हुंकार भरी और सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो चक्का जाम जैसा बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

 

रैली से शक्ति प्रदर्शन: मुख्यालय के बाहर डटे कर्मचारी

गुरुवार सुबह रोडवेज कर्मचारी जयपुर डिपो पर एकत्रित हुए, जहाँ से उन्होंने रोडवेज मुख्यालय तक एक विशाल विरोध रैली निकाली।

  • नारेबाजी: रैली के दौरान कर्मचारियों ने सरकार और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

  • धरना: मुख्यालय पहुँचने के बाद कर्मचारी मुख्य द्वार पर ही धरने पर बैठ गए, जिससे प्रशासनिक कामकाज भी प्रभावित हुआ।

 

काम का बोझ और ओवरटाइम का संकट

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने प्रबंधन पर शोषण का आरोप लगाते हुए अपनी व्यथा सुनाई।

  • अत्यधिक कार्य: कर्मचारियों का कहना है कि स्टाफ की कमी के कारण उनसे रोजाना 12 से 15 घंटे तक काम करवाया जा रहा है।

  • बकाया भुगतान: लंबे समय तक ड्यूटी करने के बावजूद उन्हें ओवरटाइम का पैसा नहीं मिल रहा है। इसके अलावा, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के परिलाभ (Benefits) भी लंबे समय से अटके हुए हैं।

 

'साढ़े 5 हजार से 2 हजार पर आई बसें'

यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष एमएल यादव ने रोडवेज की गिरती स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए निजीकरण के आंकड़े पेश किए।

  • घटता बेड़ा: यादव ने बताया कि एक समय था जब रोडवेज के पास अपनी 5,500 बसें हुआ करती थीं, लेकिन आज यह संख्या घटकर मात्र 2,000 रह गई है।

  • कर्मचारियों की कमी: बसों के साथ-साथ कर्मचारियों की संख्या भी आधी रह गई है, जिससे मौजूदा स्टाफ पर दबाव बढ़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर नई बसों की खरीद नहीं कर रही ताकि निजी ऑपरेटरों को फायदा पहुँचाया जा सके।

 

प्रमुख मांगें: भर्ती और नई बसें

यूनियन ने सरकार के सामने अपनी मांगों का चार्टर रखा है, जिसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:

  • निजीकरण पर रोक: रोडवेज में निजी बसों के दखल को पूरी तरह बंद किया जाए।

  • नई भर्ती: रिक्त पड़े हजारों पदों पर तुरंत स्थायी भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो।

  • बेड़े का विस्तार: रोडवेज के लिए नई और आधुनिक बसों की खरीद की जाए।

  • समय पर वेतन: हर महीने की पहली तारीख को वेतन और पेंशन का भुगतान सुनिश्चित हो।

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