सालासर/चूरू: राजस्थान के प्रसिद्ध शक्तिपीठ सालासर धाम में हिसार के एक व्यापारी परिवार के साथ हुई मारपीट का मामला अब एक बड़े विवाद में तब्दील हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम में मशहूर भजन गायक कन्हैया मित्तल की एंट्री और उनके ताजा बयानों ने आग में घी डालने का काम किया है।
दो दिन पहले तक कन्हैया मित्तल इस मामले में मध्यस्थता कर रहे थे। उन्होंने ऐलान किया था कि वे 10 अप्रैल को पीड़ित परिवार को साथ लेकर सालासर जाएंगे और विवाद सुलझाएंगे। लेकिन अब उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर कई पोस्ट डालकर परिवार पर ही हमला बोल दिया है।
नया आरोप: मित्तल ने व्यापारी संजय अरोड़ा का एक पुराना वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि वे ऐसे परिवार के साथ मंदिर नहीं जाएंगे जो शराब और मांस का सेवन करता हो।
समर्थकों को कहा शराबी: मित्तल यहीं नहीं रुके, उन्होंने परिवार का साथ देने वालों को 'शराबी' और 'ड्रामेबाज' तक कह डाला।
हिसार के व्यापारी और बालाजी मार्केट एसोसिएशन के प्रधान संजय अरोड़ा ने कन्हैया मित्तल के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने मित्तल के व्यवहार पर गहरी नाराजगी जताते हुए उन्हें मानहानि (Defamation Case) का नोटिस भेजने की चेतावनी दी है।
विवाद की शुरुआत 5 अप्रैल को हुई थी जब संजय अरोड़ा अपने परिवार के साथ दर्शन करने सालासर पहुंचे थे।
वीडियो कॉल पर विवाद: परिवार का कहना है कि वे एक बीमार रिश्तेदार को ऑनलाइन दर्शन कराने के लिए वीडियो कॉल कर रहे थे।
बाउंसर्स की गुंडागर्दी: तभी वहां तैनात बाउंसर्स ने बदतमीजी की और मोबाइल छीनकर फर्श पर पटक दिया। विरोध करने पर करीब 30-40 बाउंसर्स ने महिलाओं को धक्का देकर नीचे गिराया और उनके साथ मारपीट की। आरोप है कि बाउंसर्स के पास कोई धारदार हथियार भी था।
संजय अरोड़ा ने पुलिस प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
SHO की धमकी: पीड़ित का दावा है कि जब वे शिकायत लेकर थाने पहुंचे, तो SHO ने न्याय देने के बजाय उन्हें SC/ST एक्ट में फंसाने की धमकी दी।
जबरन कबूलनामा: थाने में मंदिर से जुड़े 50-60 लोगों ने दबाव बनाया और परिवार से जबरन एक वीडियो बनवाया गया। इस वीडियो में परिवार से यह कहलवाया गया कि उनसे गलती हुई थी और केवल 'मामूली धक्का-मुक्की' हुई थी।