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शिव विधायक और भजन गायक के बीच सोशल मीडिया पर एक टिप्पणी को लेकर तीखा विवाद खड़ा हो गया

शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी और लोकप्रिय भजन गायक छोटू सिंह रावणा के बीच सोशल मीडिया पर एक टिप्पणी को लेकर तीखा विवाद खड़ा हो गया है. रावणा ने विधायक भाटी पर फोन पर धमकाने और अप्रत्यक्ष रूप से जान से मारने की चेतावनी देने का गंभीर आरोप लगाया है. यह पूरा विवाद 27 मार्च 2026 की रात को शुरू हुआ, जब रावणा ने एक कैंसर पीड़ित बच्चे से जुड़े वीडियो पर रविंद्र सिंह भाटी को लेकर एक आलोचनात्मक टिप्पणी की थी.

विवाद की जड़:
विवाद एक कैंसर पीड़ित बच्चे के वीडियो पर छोटू सिंह रावणा की टिप्पणी से शुरू हुआ. बच्चे ने भावुक अपील करते हुए कहा था कि उसने विधायक रविंद्र सिंह भाटी को कई बार कॉल और मैसेज किए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. इस पर छोटू सिंह रावणा ने कमेंट किया, "काश बेटा आप रील स्टार होते तो सभी नेता आपके पास होते". रावणा का दावा है कि यह एक सामान्य टिप्पणी थी, लेकिन विधायक भाटी को यह नागवार गुजरी.

छोटू सिंह रावणा के आरोप:
छोटू सिंह रावणा ने 27 मार्च 2026 की रात करीब 11 बजे भोपाल से एक वीडियो जारी कर दावा किया कि विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने उन्हें फोन किया. रावणा के अनुसार, भाटी ने उनसे सख्त लहजे में बात की और कहा, "दो बार मैंने तुम्हें छोड़ दिया, अब मुझे तुम्हें सीधा करना भी आता है." गायक का कहना है कि ये शब्द उन्हें सुधरने की चेतावनी नहीं, बल्कि जान से मारने की अप्रत्यक्ष धमकी जैसे लगे. उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए स्वतंत्र अभिव्यक्ति के अधिकार पर सवाल उठाया है.

रविंद्र सिंह भाटी का स्पष्टीकरण और समर्थकों का पक्ष:
विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने फोन करने की बात स्वीकार की है, लेकिन धमकी देने के आरोप से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल आपत्ति दर्ज करवाई थी और इसे 'धमकी' का रूप देना गलत है. भाटी ने स्पष्ट किया कि कुछ लोग दूसरों के कंधों का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए किसी को राजनीतिक टूल नहीं बनना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि रावणा उनके ही विधानसभा क्षेत्र शिव के निवासी हैं और उन्हें जिम्मेदारी से व्यवहार करना चाहिए.

भाटी समर्थकों का तर्क है कि यदि रावणा को वास्तव में कोई धमकी दी गई थी, तो उन्हें कॉल रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करनी चाहिए. समर्थकों का यह भी दावा है कि रविंद्र सिंह भाटी की लोकप्रियता का फायदा उठाने और उन्हें बदनाम करने के लिए यह सब एक पब्लिसिटी स्टंट है.

वर्तमान स्थिति:
यह विवाद सोशल मीडिया पर छाया हुआ है और लोग दो गुटों में बंटे हुए हैं. एक तरफ छोटू सिंह रावणा के प्रशंसक उनके समर्थन में 'न्याय' की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भाटी के 'युवा सेनानी' इसे अपने नेता को बदनाम करने की साजिश करार दे रहे हैं. पुलिस और प्रशासन भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं.