जयपुर: राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग द्वारा वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत शुक्रवार को एक विशेष पर्यटक ट्रेन को रवाना किया गया। जयपुर के दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। सात दिवसीय इस धार्मिक यात्रा पर जा रहे सभी बुजुर्ग यात्रियों का विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा स्वागत किया गया।
देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने इस यात्रा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसके ऐतिहासिक संदर्भ को साझा किया:
75वीं वर्षगांठ का अवसर: देवस्थान मंत्री ने बताया कि गुजरात स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की 75वीं वर्षगांठ के पावन अवसर पर इस विशेष स्वाभिमान पर्व यात्रा का आयोजन किया गया है।
सरदार पटेल का योगदान: उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के दृढ़ प्रयासों से सोमनाथ मंदिर का भव्य पुनर्निर्माण हुआ था। इस ऐतिहासिक घटना के 75 वर्ष पूरे होने पर देश भर में कार्यक्रम हो रहे हैं, जिसमें राजस्थान सरकार की यह अनूठी पहल भी शामिल है।
सनातन परंपरा का प्रतीक: उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का अटूट प्रतीक है, जिसे इतिहास में कई बार आक्रांताओं ने नुकसान पहुँचाया, लेकिन यह हर बार अपनी पूरी भव्यता के साथ उठ खड़ा हुआ।
सात दिनों तक चलने वाली यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह निशुल्क और बेहद आरामदायक होगी:
प्रमुख धार्मिक स्थल: इस विशेष धार्मिक यात्रा के दौरान राजस्थान के 1000 वरिष्ठ नागरिक गुजरात में स्थित विश्व प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर, जगत मंदिर द्वारकाधीश सहित अन्य कई प्रमुख और पौराणिक धार्मिक स्थलों के दर्शन लाभ ले सकेंगे।
मंत्री ने दी शुभकामनाएं: देवस्थान मंत्री ने हरी झंडी दिखाए जाने के मौके पर सभी श्रद्धालुओं को बधाई देते हुए कहा कि वे सभी बेहद सौभाग्यशाली हैं, जिन्हें इस पावन पर्व पर यात्रा का अवसर मिला है। उन्होंने सभी की सुखद और मंगलमय यात्रा की कामना की।
इस यात्रा की सबसे खास बात यह है कि इसमें उन बुजुर्गों को प्राथमिकता दी गई है जो पहले शॉर्टलिस्ट होने के बाद भी यात्रा नहीं कर पाए थे:
वंचितों को मिला मौका: देवस्थान विभाग के अनुसार, इस यात्रा में वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत पूर्व में चयनित, लेकिन किन्हीं अपरिहार्य कारणों से यात्रा करने से वंचित रह गए श्रद्धालुओं को शामिल किया गया है।
जिलों को मिले थे निर्देश: विभाग ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलों को विशेष गाइडलाइंस जारी की थीं, जिसके तहत प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) में शामिल यात्रियों का दोबारा चयन किया गया। प्रत्येक जिले से उनकी वेटिंग लिस्ट के अनुपात में ही यात्रियों को इस विशेष ट्रेन में सीट अलॉट (आवंटित) की गई है।