राज्य निर्वाचन आयोग के उन निर्देशों के तहत यह कार्रवाई की गई है, जिनमें तीन साल से एक ही स्थान पर या अपने गृह जिले में तैनात अफसरों को हटाने के आदेश दिए गए थे।
तबादला सूची में कई वरिष्ठ और प्रभावशाली अधिकारियों के नाम शामिल हैं:
योगेश श्रीवास्तव: मुख्यमंत्री के ओएसडी योगेश श्रीवास्तव का तबादला कर उन्हें गंगानगर शुगर मिल्स में जनरल मैनेजर (GM) के पद पर तैनात किया गया है।
महावीर खराड़ी: आरएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष महावीर खराड़ी का टोंक एपीआरटीएस प्रिंसिपल पद से तबादला कर उन्हें अतिरिक्त आयुक्त, टीएडी (जनजाति क्षेत्रीय विकास), उदयपुर के पद पर लगाया गया है।
रिश्वतकांड मामले में चर्चित रहीं आरएएस अधिकारी पिंकी मीणा की पोस्टिंग में एक बार फिर बदलाव किया गया है:
दौसा मिली नई जिम्मेदारी: पिंकी मीणा को प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग, सवाई माधोपुर में सहायक निदेशक पद से स्थानांतरित कर दौसा में सहायक कलेक्टर (मुख्यालय) के पद पर नियुक्त किया गया है।
जून में हुई थीं बहाल: वर्ष 2021 के हाईवे घूसकांड में सस्पेंड होने के बाद कोर्ट के आदेश से उन्हें जून में बहाल किया गया था और 1 जुलाई को ही उन्होंने सवाई माधोपुर में जॉइन किया था।
राज्य सरकार ने तीन आरएएस अधिकारियों को एपीओ किया है:
नया एसए नियुक्त: ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर के एसए (विशिष्ट सहायक) कालूराम का तबादला करते हुए उन्हें एपीओ कर दिया गया है। उनकी जगह पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त आयुक्त त्रिलोकचंद मीणा को मंत्री का नया एसए बनाया गया है।
अन्य एपीओ अफसर: कालूराम के अलावा सीकरी (डीग) की एसडीओ मोनिका सामारे और जैसलमेर के एसडीओ रामलाल मीणा को भी एपीओ किया गया है।
प्रशासनिक कारणों से चार आरएएस अफसरों के पूर्व में किए गए तबादला आदेशों को रद्द किया गया है:
चंद्रभान सिंह भाटी: सीईओ जिला परिषद, भीलवाड़ा से रजिस्ट्रार, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर।
नंदकिशोर राजोरा: सीईओ जिला परिषद, जालोर से सीईओ जिला परिषद, भीलवाड़ा।
दिनेश कुमार मीणा: एसडीओ पिड़ावा (झालावाड़) से बागीदौरा (बांसवाड़ा)।
रणछोड़ लाल: एसडीओ चौहटन (बाड़मेर) से एसडीओ सिणधरी (बालोतरा)।
कार्मिक विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्थानांतरित अधिकारियों को नई पदस्थापना पर तुरंत कार्यभार संभालना होगा:
ज्वाइनिंग टाइम नहीं मिलेगा: अफसरों को कार्यभार संभालने के लिए अतिरिक्त समय (ज्वाइनिंग टाइम) नहीं दिया जाएगा।
निकाय चुनाव आचार संहिता: माना जा रहा है कि 15 अगस्त के बाद राज्य में कभी भी निकाय चुनावों की आचार संहिता लागू हो सकती है, इसलिए सरकार ने सभी अधिकारियों को बिना विलंब तुरंत जॉइन करने के कड़े निर्देश दिए हैं।