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ग्रेड थर्ड टीचर्स के ट्रांसफर पर बवाल: जयपुर के शहीद स्मारक पर बच्चों संग धरने पर बैठे शिक्षक; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

जयपुर: राजस्थान में तृतीय श्रेणी (ग्रेड थर्ड) शिक्षकों के तबादलों (Transfers) की मांग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अपनी मांगों के समर्थन में प्रदेशभर से आए शिक्षक राजधानी जयपुर के शहीद स्मारक पर लगातार दूसरे दिन भी अनिश्चितकालीन धरने पर डटे हुए हैं। प्रदर्शन के दौरान कई महिला और पुरुष शिक्षक अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ पहुंचे हैं। हाथों में बैनर-पोस्टर थामे ये बच्चे अपने माता-पिता के गृह जिले में ट्रांसफर की मांग कर रहे हैं।

 

"प्रशासन ने जनरेटर हटाया, टॉयलेट पर ताला लगाया": बर्बरता के आरोप

ग्रेड थर्ड शिक्षक संघर्ष समिति के संयोजक सुनील महला ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन पर उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं:

  • सुविधाएं बंद करने का आरोप: महला ने बताया कि बुधवार रात पुलिस प्रशासन ने धरना स्थल से जनरेटर हटवा दिया और साउंड सिस्टम-माइक सेट जब्त कर लिया।

  • महिलाएं व बच्चे परेशान: पास स्थित सुलभ कॉम्प्लेक्स के शौचालयों पर भी ताले जड़ दिए गए, जिससे धरने पर बैठीं 200 से अधिक महिला शिक्षकों और उनके मासूम बच्चों को पूरी रात अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।

  • आंदोलन को समर्थन: 5 अगस्त को करीब 5,000 शिक्षक धरने पर पहुंचे थे, जबकि 6 अगस्त को यह संख्या और बढ़ गई। शिक्षकों का कहना है कि सरकार उनके धैर्य का इम्तिहान न ले।

 

शिक्षा मंत्री दिलावर बोले- "तत्काल ट्रांसफर संभव नहीं"; शिक्षकों ने मांगा इस्तीफा

स्थानांतरण की मांग और सरकार के रुख के बीच खींचतान चरम पर पहुंच गई है:

  • मंत्रालय का बयान: शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि व्यवहारिक रूप से फिलहाल ग्रेड थर्ड शिक्षकों के तत्काल ट्रांसफर शुरू करना संभव नहीं है।

  • इस्तीफे की मांग: मंत्री के इस बयान के बाद आक्रोशित शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग बुलंद कर दी है।

  • सीएम से दखल की गुहार: शिक्षकों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से इस पूरे मामले में सीधे हस्तक्षेप कर तुरंत ट्रांसफर नीति लागू करने की अपील की है।

 

आंदोलन की 3 प्रमुख बातें: क्यों भड़का है शिक्षकों का गुस्सा?

  1. सरकार पर भेदभाव का आरोप: शिक्षकों का कहना है कि जब शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल, फर्स्ट ग्रेड (Grade I) और सेकंड ग्रेड (Grade II) शिक्षकों के तबादले किए जा सकते हैं, तो केवल ग्रेड थर्ड शिक्षकों के साथ ही लगातार टालमटोल और भेदभाव क्यों किया जा रहा है?

  2. वर्षों से दूर-दराज के क्षेत्रों में पोस्टिंग: हजारों शिक्षक पिछले कई सालों से अपने गृह जिलों से सैकड़ों किलोमीटर दूर विषम परिस्थितियों में सेवाएं दे रहे हैं।

  3. पारदर्शी ट्रांसफर नीति की मांग: संघर्ष समिति की मांग है कि सरकार सभी संवर्गों की तर्ज पर ग्रेड थर्ड शिक्षकों के लिए भी पारदर्शी स्थानांतरण नीति तुरंत प्रभाव से लागू करे और प्रक्रिया शुरू करे।

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