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राजस्थान में 15 अगस्त से पेट्रोल-डीजल पर बड़ा फैसला, पचपदरा रिफाइनरी के ईंधन पर VAT पूरी तरह माफ

जयपुर। स्वतंत्रता दिवस से पहले राजस्थान की भजनलाल सरकार ने पेट्रोलियम क्षेत्र को लेकर बड़ा फैसला किया है। राज्य सरकार ने पचपदरा रिफाइनरी से प्रोसेस होकर निकलने वाले पेट्रोल, हाई स्पीड डीजल, लाइट स्पीड डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर वैट पूरी तरह माफ करने का निर्णय लिया है। वित्त विभाग की ओर से जारी व्यवस्था 15 अगस्त 2026 से लागू होकर 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी।

सरकार के इस फैसले को पचपदरा रिफाइनरी और प्रदेश के पेट्रोलियम कारोबार के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि यह छूट राजस्थान में होने वाली बिक्री पर लागू होगी और इसका लाभ सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों को मिलेगा।

पचपदरा रिफाइनरी को मिली टैक्स छूट

राज्य सरकार ने पचपदरा रिफाइनरी-एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड को टैक्स छूट वाली सूची में शामिल कर लिया है। इसके बाद रिफाइनरी से उत्पादित पेट्रोल, डीजल और एटीएफ की राजस्थान में बिक्री पर सार्वजनिक क्षेत्र की तीन प्रमुख तेल कंपनियों—एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल—को वैट का भुगतान नहीं करना होगा।

यह छूट फिलहाल 15 अगस्त 2026 से 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी। इसके बाद 1 अप्रैल 2027 से नई व्यवस्था लागू किए जाने की संभावना है।

अभी पेट्रोल-डीजल पर इतना लगता है VAT

राजस्थान में वर्तमान में पेट्रोल और डीजल पर वैट लागू है। उपलब्ध व्यवस्था के अनुसार पेट्रोल पर करीब 29.04 प्रतिशत और डीजल पर 17.30 प्रतिशत वैट लगता है। अब पचपदरा रिफाइनरी से निकलने वाले संबंधित पेट्रोलियम उत्पादों पर विशेष छूट लागू की गई है।

हालांकि, इस फैसले का सीधा असर आम उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों में कितना होगा, यह तेल कंपनियों की कीमत निर्धारण व्यवस्था और अन्य लागतों पर निर्भर करेगा।

15 अगस्त से शुरू होगा नया VAT पोर्टल

वित्त विभाग ने वैट व्यवस्था को लेकर कई अन्य महत्वपूर्ण अधिसूचनाएं भी जारी की हैं। 15 अगस्त से वैट करदाताओं की जानकारी उपलब्ध कराने वाला नया पोर्टल शुरू किया जाएगा।

इस पोर्टल के जरिए राजस्व प्रबंधन से संबंधित वैट करदाताओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। सरकार का उद्देश्य वैट से जुड़े रिकॉर्ड और राजस्व प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाना बताया जा रहा है।

शराब की बिक्री पर भी नई व्यवस्था

सरकार की ओर से जारी वैट संबंधी व्यवस्था में शराब की बिक्री को लेकर भी प्रावधान किए गए हैं। भारत निर्मित विदेशी शराब और विदेशी शराब की खुदरा बिक्री पर 30 प्रतिशत तथा डीलरों को बिक्री पर 20 प्रतिशत वैट देना होगा।

वित्त विभाग ने वैट व्यवस्था से संबंधित अधिसूचनाएं जारी करते हुए नई व्यवस्थाओं को लागू करने की प्रक्रिया स्पष्ट की है।

पचपदरा रिफाइनरी से पेट्रोकेमिकल हब को बढ़ावा

पचपदरा रिफाइनरी राजस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजना है। इसका लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 जुलाई को किया था। रिफाइनरी के शुरू होने के बाद पेट्रोल, डीजल और एटीएफ जैसे पेट्रोलियम उत्पादों का उत्पादन शुरू हुआ है।

रिफाइनरी में राजस्थान के बाड़मेर और जैसलमेर क्षेत्र से आने वाले क्रूड ऑयल के साथ-साथ आयातित कच्चे तेल को भी प्रोसेस किया जा रहा है। क्षेत्र में निजी कंपनियों की ओर से भी क्रूड ऑयल का उत्पादन किया जा रहा है।

बाड़मेर-जैसलमेर क्षेत्र को मिल सकती है नई औद्योगिक पहचान

पचपदरा रिफाइनरी के संचालन के साथ राजस्थान के पश्चिमी क्षेत्र में पेट्रोलियम आधारित उद्योगों के विस्तार की संभावनाएं बढ़ी हैं। सरकार की योजना इस क्षेत्र को बड़े पेट्रोकेमिकल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ाने की है।

रिफाइनरी के आसपास पेट्रोकेमिकल, प्लास्टिक, केमिकल और अन्य सहायक उद्योग विकसित होने से निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

राज्य सरकार की ओर से रिफाइनरी के पेट्रोलियम उत्पादों पर वैट छूट का फैसला इसी औद्योगिक गतिविधि को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब 15 अगस्त 2026 से लागू होने वाली नई व्यवस्था के तहत पचपदरा रिफाइनरी से राजस्थान में बिकने वाले पेट्रोल, डीजल और एटीएफ पर वैट छूट का लाभ मिलेगा।