यह पूरी घटना शुक्रवार शाम करीब 4 बजे की है, जब ट्रांसपोर्ट नगर चौराहे पर बने सार्वजनिक शौचालय में युवक गया था:
कर्मचारियों को हुआ शक: युवक कुलदीप टॉयलेट के अंदर जाने के बाद करीब डेढ़ घंटे तक बाहर नहीं निकला। काफी देर होने पर टॉयलेट स्टाफ को चिंता हुई।
अचेत अवस्था में मिला: स्टाफ ने वहां मौजूद टैक्सी ड्राइवरों की मदद से टॉयलेट का दरवाजा तोड़ा। अंदर का नजारा खौफनाक था; कुलदीप टॉयलेट की सीट पर अचेत अवस्था में बैठा हुआ था।
अस्पताल में मृत घोषित: स्टाफ ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस को घटनास्थल की जांच के दौरान नशे के कारोबार से जुड़े कई पुख्ता सबूत मिले हैं:
नशे की सामग्री बरामद: टॉयलेट के अंदर भारी मात्रा में स्मैक और नशे के इंजेक्शन पड़े हुए मिले।
सालों से चल रहा था खेल: साक्ष्यों के आधार पर अंदेशा जताया जा रहा है कि कुलदीप की मौत नशे का अत्यधिक ओवरडोज (Overdose) लेने के कारण हुई है। पुलिस शव का पोस्टमार्टम करवाकर मामले की जांच कर रही है।
इस घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों और युवाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया:
थाने का घेराव: शाम 7 बजे से लेकर रात 11 बजे तक सैकड़ों लोगों ने ट्रांसपोर्ट नगर थाने को चारों तरफ से घेर कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
7 दिन का अल्टीमेटम: रात करीब 9:30 बजे एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) लक्ष्मी सुथार मौके पर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। लोगों ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के लिए 7 दिन का समय दिया है। मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन की नाक के नीचे युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है:
शिकायत पर भी एक्शन नहीं: स्थानीय निवासी त्रिलोक मीणा ने बताया कि उन्होंने नशा बेचने वालों के नाम तक पुलिस को दिए थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मौत का गढ़ बना इलाका: लोगों का आरोप है कि जवाहर नगर के टीला नंबर 0 से 7 तक और पूरे जयपुर में सांसी समुदाय के लोग बड़े पैमाने पर नशे का अवैध व्यापार कर रहे हैं। इस जानलेवा लत के कारण 25 से 30 साल के युवा दम तोड़ रहे हैं और अकेले इस इलाके में एक साल के भीतर यह 8वीं मौत है।