सवाई माधोपुर: रणथंभौर टाइगर रिजर्व से सटे दूमोदा गांव में गुरुवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। अपने घर में खेल रहे 3 साल के मासूम बच्चे दिलखुश को लेपर्ड (तेंदुआ) मां की आंखों के सामने उठाकर जंगल की ओर ले गया। बेटे को बचाने के लिए मां लेपर्ड के पीछे भी भागी, लेकिन वह उसे बचा नहीं सकी और सदमे के कारण मौके पर ही बेहोश हो गई।
घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग की लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश देखा गया:
तलाश अभियान: प्रत्यक्षदर्शी रामकेश गुर्जर के अनुसार, घटना की जानकारी तुरंत वन विभाग की चौकी पर दी गई थी। वनकर्मियों द्वारा जल्द पहुंचने का आश्वासन देने के बावजूद करीब 2.30 घंटे तक कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची।
लहूलुहान हालत में मिला मासूम: वनकर्मियों का इंतजार करने के बाद ग्रामीणों ने खुद अलग-अलग टीमें बनाईं और जंगल में खोजबीन शुरू की। पहाड़ी पर बच्चा गंभीर और लहूलुहान अवस्था में मिला।
अस्पताल में मृत घोषित: ग्रामीण तुरंत मासूम को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
बच्चे की मौत की खबर फैलते ही दूमोदा गांव और आसपास के क्षेत्रों में तनाव और भारी आक्रोश फैल गया:
वन चौकी पर हंगामा: बड़ी संख्या में ग्रामीण फलोदी रेंज स्थित वन विभाग की चौकी पर एकत्रित हो गए और विरोध प्रदर्शन किया।
आगजनी की घटना: आक्रोशित भीड़ ने वन चौकी के बाहर खड़ी एक वनकर्मी की मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया।
पुलिस की मुस्तैदी: अस्पताल और गांव में हंगामे की सूचना मिलते ही मानटाउन, कोतवाली और रवांजना डूंगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश कर स्थिति को नियंत्रण में लिया।