मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सादुलशहर में आयोजित तिरंगा यात्रा में हाथ में तिरंगा लेकर आमजन के साथ कदम मिलाया। यात्रा अंबेडकर सर्किल से शुरू होकर अरूट चौक तक पहुंची। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
देशभक्ति के नारों और हाथों में तिरंगा लिए लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा यात्रा में उमड़ रहा जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि तिरंगा देशवासियों के दिलों में बसता है। यह केवल एक झंडा नहीं, बल्कि देश के गौरव, राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता के संघर्ष की पहचान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर वर्ष 2022 में शुरू हुआ ‘हर घर तिरंगा अभियान’ अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। इस अभियान का उद्देश्य देश की नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्र सेवा और राष्ट्र प्रथम की भावना को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि तिरंगा प्रत्येक भारतीय को देश की स्वतंत्रता, वीरों के बलिदान और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की याद दिलाता है। इस बार अभियान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने की भावना से भी जुड़ा हुआ है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तिरंगे और राजस्थान के ऐतिहासिक संबंध का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि आजाद भारत में फहराए गए पहले तिरंगे को तैयार करने में राजस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।
मुख्यमंत्री के अनुसार दौसा जिले के आलूदा गांव के बुनकरों ने तिरंगे के लिए खादी का कपड़ा बुना था, जबकि गोविंदगढ़ में इसे रंगकर तिरंगे का स्वरूप दिया गया था। उन्होंने कहा कि राजस्थान की यह भूमिका प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है।
मुख्यमंत्री ने 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका दिवस के रूप में याद करते हुए कहा कि देश का विभाजन एक ऐसी त्रासदी थी, जिसने लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित किया। विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन पर इसका गहरा असर पड़ा।
उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान लोगों को अपने घर, जमीन और रिश्ते छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। इस त्रासदी को याद करना इसलिए जरूरी है ताकि आने वाली पीढ़ियां इतिहास को समझ सकें और देश की एकता एवं अखंडता के महत्व को जान सकें।
सादुलशहर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने चूनावढ़ में मिल्क चिलिंग प्लांट स्थापित करने की घोषणा की। इस घोषणा को क्षेत्र के दुग्ध उत्पादकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मिल्क चिलिंग प्लांट बनने से दूध को स्थानीय स्तर पर सुरक्षित रखने और उसके बेहतर प्रबंधन में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे दुग्ध उत्पादकों को अपना दूध लंबे समय तक सुरक्षित रखने की सुविधा मिल सकेगी और दुग्ध व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
स्थानीय स्तर पर दुग्ध क्षेत्र को मजबूती मिलने से रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। श्रीगंगानगर क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण परिवार कृषि के साथ पशुपालन एवं दुग्ध व्यवसाय से जुड़े हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने सादुलशहर में राजकीय उप जिला चिकित्सालय के नवीन भवन का शिलान्यास भी किया। नए भवन के निर्माण से क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है।
पूर्व कार्यक्रम के अनुसार अस्पताल के नए भवन की अनुमानित लागत करीब 40 करोड़ रुपये बताई गई थी। नए भवन के निर्माण के बाद स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की संभावना है और गंभीर मरीजों को उपचार के लिए दूसरे शहरों की ओर जाने की जरूरत कम हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रभक्ति के साथ विकास को भी सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और प्रदेश के विकास को गति देने के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री के दौरे में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल, सादुलशहर विधायक गुरवीर सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।
सादुलशहर का यह दौरा एक ओर जहां तिरंगा यात्रा और राष्ट्रभक्ति के कार्यक्रमों से जुड़ा रहा, वहीं दूसरी ओर मिल्क चिलिंग प्लांट की घोषणा और नए अस्पताल भवन के शिलान्यास के चलते क्षेत्रीय विकास के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा।