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राजस्थान में ग्रामीण-शहरी सेवा शिविर 31 अगस्त तक बढ़े, मंगलवार से फिर शुरू होंगे; CM भजनलाल ने अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी

जयपुर। राजस्थान सरकार ने प्रदेशभर में आयोजित किए जा रहे ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों की अवधि 31 अगस्त तक बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास (सीएमआर) में आयोजित ‘राज उन्नति’ की सातवीं समीक्षा बैठक में शिविरों की प्रगति की समीक्षा करते हुए इनके विस्तार को मंजूरी दी। अब ये शिविर मंगलवार से दोबारा शुरू होंगे और 31 अगस्त तक जारी रहेंगे।

बैठक में मुख्यमंत्री ने सात विभागों की विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि विकास परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि वे काम में बहाने बनाने के बजाय जनता के कार्यों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य आम लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराना है, इसलिए जवाबदेही तय होगी और लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।

दो अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की। बूंदी जिले में प्रसूति सहायता योजना के तहत लाभार्थी मनीषा मीणा को समय पर लाभ नहीं मिलने के मामले में मुख्यमंत्री ने संयुक्त श्रम आयुक्त दीपक यादव और संकेत मोदी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।

जानकारी के अनुसार, मनीषा मीणा ने वर्ष 2023 में प्रसूति सहायता योजना के तहत आवेदन किया था, लेकिन दस्तावेज अधूरे होने का हवाला देकर आवेदन निरस्त कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने इस मामले में लापरवाही को गंभीर मानते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा।

प्रतापगढ़ मामले में चार्जशीट के निर्देश

बैठक में प्रतापगढ़ जिले के चुपना क्षेत्र स्थित राजीविका के जागृति क्लस्टर संगठन की शिकायत पर भी चर्चा हुई। संगठन ने आरोप लगाया था कि ब्लॉक परियोजना प्रबंधक धर्मेन्द्र पंवार ने क्लस्टर संगठन का बैंक खाता बंद कर दिया और उससे कमीशन की मांग की।

शिकायत विभिन्न स्तरों पर दर्ज कराई गई थी। जांच में प्रथम दृष्टया शिकायत सही पाए जाने के बावजूद लंबे समय तक कार्रवाई नहीं होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से चार्जशीट जारी करने के निर्देश दिए।

15 जुलाई तक 19 हजार से अधिक शिविर आयोजित

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 12 जून से 15 जुलाई तक पूरे प्रदेश में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 19 हजार से अधिक सेवा शिविर लगाए जा चुके हैं। इन शिविरों के माध्यम से लाखों लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ मिला है।

शहरी सेवा शिविरों में 42 हजार से अधिक पट्टे जारी किए गए, जबकि 13 हजार से अधिक नाम हस्तांतरण के मामलों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा एक लाख से अधिक जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीकरण किए गए। पालनहार योजना के तहत 12 हजार से अधिक सत्यापन पूरे किए गए, वहीं प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 18 हजार से अधिक ऋण आवेदन स्वीकार किए गए। शिविरों के माध्यम से 41 हजार से अधिक नए विद्युत कनेक्शन भी उपलब्ध कराए गए।

ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व और स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर

ग्रामीण सेवा शिविरों में भी बड़ी संख्या में लंबित मामलों का समाधान किया गया। सरकार के अनुसार, एक लाख 97 हजार से अधिक नामांतरण प्रकरणों का निस्तारण हुआ। इसके अलावा लगभग 48 हजार पत्थरगढ़ी एवं सीमाज्ञान, 27 हजार से अधिक आपसी सहमति से भूमि विभाजन और 18 हजार से अधिक रास्तों से जुड़े विवादों का समाधान किया गया।

स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी शिविरों का व्यापक असर देखने को मिला। ग्रामीण क्षेत्रों में 25 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया गया। साथ ही 11 लाख से अधिक लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई, जबकि साढ़े चार लाख से अधिक महिलाओं की ओरल, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की जांच भी की गई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों के अगले चरण में भी सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखते हुए अधिक से अधिक लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए, ताकि आम जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और सभी आवश्यक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें।