भारद्वाज ने सवाल उठाया कि जिस पते को आम आदमी पार्टी का राष्ट्रीय कार्यालय बताया जा रहा है, वह सरकारी परिसर से जुड़ा हुआ है। ऐसे में वहां निजी व्यवसायों के रजिस्ट्रेशन किस आधार पर किए गए, यह जांच का विषय है। उन्होंने केंद्र सरकार और संबंधित विभागों से पूरे मामले की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
AAP नेता ने कहा कि 1, कैनिंग लेन एक सरकारी बंगला है और उनके अनुसार वहां निजी कारोबार के लिए जगह खरीदने या किराए पर लेने की सामान्य व्यवस्था नहीं है। ऐसे में इस पते का इस्तेमाल इतने बड़े पैमाने पर व्यवसायों के GST रजिस्ट्रेशन में कैसे हुआ, इस पर उन्होंने सवाल खड़े किए।
भारद्वाज ने GST रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया का हवाला देते हुए कहा कि किसी व्यवसाय को GST नंबर लेने के लिए कई दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। इनमें बिजली या पानी का बिल, प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़े दस्तावेज, किराए का समझौता, मकान मालिक की NOC और कारोबार से संबंधित अन्य प्रमाण शामिल हो सकते हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कई मामलों में व्यवसाय के वास्तविक स्थान का भौतिक सत्यापन किया जाता है। ऐसे में उनका सवाल था कि अगर बताए गए पते पर वास्तव में ये व्यवसाय संचालित नहीं हो रहे थे, तो उनके GST रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया किस तरह पूरी हुई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारद्वाज ने दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया कि 58 रजिस्ट्रेशन में बड़ी संख्या ऐसे व्यवसायों की है, जिनका मुख्य कारोबार इंपोर्ट-एक्सपोर्ट के रूप में दर्ज किया गया है। उन्होंने कुछ रजिस्ट्रेशन के नाम और GST नंबर भी सार्वजनिक किए।
AAP की ओर से उदाहरण के तौर पर प्रियंका आशा एंटरप्राइजेस, जिसका GST नंबर 07HKPSC9204F3ZJ बताया गया, समेत कई अन्य नामों का उल्लेख किया गया। भारद्वाज ने मोहम्मद अहमद, फैजान अहमद, मोहम्मद असद कुरैशी, अफजल, साफिया खानम, सीमा परवीन, काशिफ सिद्दीकी, सरफराज और मोहम्मद फैजान जैसे नामों का भी जिक्र किया।
हालांकि, इन व्यवसायों और उनके बताए गए पते के बीच वास्तविक संबंध क्या है, यह आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। AAP की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि GST रजिस्ट्रेशन एक सरकारी प्रक्रिया है और इसमें दस्तावेजों की जांच की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होती है। ऐसे में यदि एक ही सरकारी पते पर इतने बड़े पैमाने पर व्यवसायों का रजिस्ट्रेशन हुआ है, तो इसकी जांच होनी चाहिए।
AAP ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि क्या संबंधित विभागों और अधिकारियों की जानकारी के बिना यह प्रक्रिया पूरी हो सकती है। पार्टी ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मामले को लेकर फिलहाल AAP की ओर से लगाए गए आरोप सामने आए हैं। सरकारी विभागों या GST अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बताए गए 58 व्यवसायों का रजिस्ट्रेशन किन दस्तावेजों और किस पते के आधार पर हुआ।
राजनीतिक तौर पर यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि AAP ने सीधे केंद्र सरकार और केंद्रीय कर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। अब निगाहें संबंधित विभाग की जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया पर हैं।