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प्रयागराज में राहुल गांधी का केंद्र पर हमला, बोले- युवाओं के लिए नौकरी के तीनों दरवाजे बंद

प्रयागराज। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रयागराज में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर युवाओं, रोजगार, शिक्षा और छोटे कारोबारियों के मुद्दे पर जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि भारत के पास करीब 40 करोड़ युवा हैं और यही देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि चीन की ताकत की चर्चा होती है, लेकिन भारत के युवाओं की क्षमता के सामने चीन की ताकत कुछ भी नहीं है।

राहुल गांधी ने कहा कि देश में युवाओं की संख्या और क्षमता बहुत बड़ी है, लेकिन मौजूदा व्यवस्था उनकी प्रतिभा का इस्तेमाल नहीं कर पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाजार में ‘मेड इन चाइना’ और ‘मेड इन कोरिया’ के उत्पाद आसानी से दिखाई देते हैं, लेकिन ‘मेड इन इंडिया’ उतना नजर नहीं आता। उनके मुताबिक, देश में छोटे कारोबारी और उद्यमी बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराते थे, लेकिन कई छोटे कारोबार बंद हो गए हैं।

उन्होंने ‘स्टार्टअप इंडिया’ को लेकर भी सरकार से सवाल किया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को बैंकों से आसानी से कर्ज नहीं मिलता, जबकि बड़े उद्योगपतियों को बड़ी मात्रा में ऋण उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कहा कि छोटे कारोबारियों को वित्तीय सहायता नहीं मिलने से रोजगार पैदा करने की उनकी क्षमता प्रभावित होती है।

युवाओं के सामने नौकरी का संकट

राहुल गांधी ने युवाओं के रोजगार संकट को कार्यक्रम का प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि युवा पढ़ाई पर बड़ी रकम खर्च कर रहे हैं और डिग्रियां हासिल कर रहे हैं, लेकिन शिक्षा पूरी करने के बाद रोजगार के अवसर सीमित हैं। उन्होंने कहा कि देश में नौकरी के तीन प्रमुख दरवाजे बंद पड़े हैं।

उन्होंने पहला दरवाजा मैन्युफैक्चरिंग, दूसरा स्टार्टअप और तीसरा सरकारी नौकरी को बताया। राहुल गांधी ने कहा कि यदि देश में उत्पादन और छोटे उद्योगों को बढ़ावा नहीं मिलेगा तो बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करना मुश्किल होगा।

उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक का मुद्दा भी उठाया। राहुल गांधी ने दावा किया कि बड़ी संख्या में युवा परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन बहुत कम उम्मीदवारों को सफलता मिलती है। उन्होंने पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में देरी को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया।

सरकारी नौकरियों और निजीकरण पर सवाल

राहुल गांधी ने सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि करीब 10 साल पहले सार्वजनिक क्षेत्र बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार देता था, लेकिन अब निजीकरण के कारण सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर कम हुए हैं। उन्होंने बीएसएनएल का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को कमजोर किया गया और सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है।

राहुल गांधी ने अपने भाषण में उद्योगपति गौतम अडाणी और मुकेश अंबानी का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे कारोबारियों को बैंक से कर्ज लेने में मुश्किल होती है, जबकि बड़े उद्योग समूहों को बड़ी मात्रा में वित्तीय सहायता मिलती है। ये आरोप राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हुए लगाए।

एआई और युवाओं के डेटा का मुद्दा

राहुल गांधी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को लेकर भी युवाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि आज हर जगह एआई की चर्चा हो रही है, लेकिन डेटा के बिना एआई का कोई अर्थ नहीं है। उन्होंने कहा कि डेटा की मदद से एआई बनाया जा सकता है, लेकिन एआई से डेटा नहीं बनाया जा सकता।

उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के युवाओं के पास बड़ी मात्रा में डेटा और क्षमता है, लेकिन व्यवस्था युवाओं को एक ऐसे ‘चक्रव्यूह’ में फंसा रही है, जिससे बाहर निकलना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि युवाओं का डेटा बड़ी कंपनियों को उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने सोशल मीडिया और रील्स की बढ़ती लोकप्रियता पर भी टिप्पणी की। राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं को लगातार रील देखने और बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और यह 21वीं सदी का एक तरह का नशा बन गया है। उनके मुताबिक, युवाओं की ऊर्जा और क्षमता को रोजगार, उद्योग और देश के विकास की दिशा में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

डिग्री के बाद भी रोजगार की गारंटी नहीं

राहुल गांधी ने उच्च शिक्षा और रोजगार के बीच बढ़ते अंतर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि परिवार अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करते हैं। युवा बीए, एमए और अन्य डिग्रियां हासिल करते हैं, लेकिन डिग्री मिलने के बाद भी नौकरी की गारंटी नहीं होती।

कार्यक्रम में राहुल गांधी के साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की बेटी मिराया वाड्रा की मौजूदगी भी चर्चा में रही। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि यदि उन्हें अवसर, पूंजी और रोजगार के उचित साधन उपलब्ध कराए जाएं तो भारत दुनिया की बड़ी आर्थिक शक्तियों को चुनौती दे सकता है।

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने, छोटे कारोबारियों को बैंक ऋण उपलब्ध कराने, मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं के पास क्षमता की कोई कमी नहीं है, समस्या उस व्यवस्था की है जो उनकी क्षमता का पूरा इस्तेमाल नहीं कर पा रही है।

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