लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को बजट सत्र के दौरान भाषण दिया। राहुल ने एपस्टीन फाइल्स और अडाणी पर अमेरिका में चल रहे केस का जिक्र किया। राहुल ने कहा कि अडाणी पर चल रहा केस, दरअसल मोदी पर है। इसके जरिए भाजपा का फाइनेंसियल स्ट्रक्चर टूटेगा।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल को तुरंत टोका। उन्होंने कहा- आपने जो भी कहा है उसे साबित करिए, नहीं तो आपकी बात सदन के रिकॉर्ड पर नहीं जानी चाहिए।
इस पर कांग्रेस नेता ने जवाब दिया- अभी देता हूं। तुरंत सारे सबूत देता हूं। हालांकि, स्पीकर ने राहुल को टोक दिया। उन्होंने कहा- मैंने तो सबूत मांगा ही नहीं है। आप बोलते रहिए। बाद में साबित कर दीजिएगा।
राहुल ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील, एपस्टीन फाइल्स के खुलासे और बजट को लेकर भी सरकार की आलोचना की। राहुल ने कहा- आपने (केंद्र सरकार) भारत को बेच दिया है। आपने हमारी मां, भारत माता को बेच दिया है। क्या आपको भारत माता को बेचने में शर्म नहीं आती?
वही, किरेन रिजिजू ने कहा कि हम राहुल गांधी के खिलाफ संसद में विशेषाधिकार का नोटिस पेश करेंगे। इसपर राहुल गांधी को जवाब देना होगा। रिजिजू ने कहा कि राहुल को 5 बजे वित्त मंत्री का जवाब जरूर सुनना चाहिए। पार्लियामेंट सेशन के दौरान, यूनियन मिनिस्टर प्रल्हाद जोशी ने राहुल गांधी के बयान पर कहा, अगर हाउस के किसी मेंबर पर कोई आरोप लगता है, तो उस मेंबर को नोटिस दिया जाना चाहिए। अगर वह व्यक्ति हाउस का मेंबर नहीं है, तो ऐसे बेबुनियाद आरोप नहीं लगाए जा सकते।
उन्होंने कहा कि सिर्फ एक कागज का टुकड़ा लाकर कह देना, 'मैं ऑथेंटिकेट करता हूँ, मैं ऑथेंटिकेट करता हूँ,' इससे वह ऑथेंटिक नहीं हो जाता। उन्हें यह समझना चाहिए। उन्हें ऑथेंटिकेशन का मतलब या नियम भी नहीं पता। इसीलिए वह कुछ भी कहते हैं। केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, हम सदन को गुमराह करने और बेबुनियाद बयान देने के लिए राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज नोटिस फाइल करने जा रहे हैं। लोकसभा और राज्यसभा में प्रोसीजर और कंडक्ट ऑफ बिजनेस के बहुत साफ नियम हैं। जब कोई सदस्य दूसरे सदस्य पर गंभीर आरोप लगाना चाहता है, तो आपको नोटिस देना होगा और आरोप को साबित भी करना होगा।
उन्होंने कहा कि मैंने रिक्वेस्ट की है कि राहुल गांधी को सदन में बुलाया जाए ताकि वे अपनी बातों को साबित कर सकें। राहुल गांधी ने सरकार और प्रधानमंत्री पर बेकार और झूठे आरोप लगाए हैं, यह कहते हुए कि प्रधानमंत्री ने भारत और भारतीय हितों को बेच दिया है। किस आधार पर? उन्होंने बिना कोई नोटिस दिए हरदीप सिंह पुरी पर गंभीर आरोप लगाया है। राहुल ने कहा- भारत-अमेरिका ट्रेड डील के चलते एनर्जी सिक्योरिटी खतरे में है। सरकार ने हमारी एनर्जी सिक्योरिटी अमेरिका को सौंप दी है। पूरी तरह से सरेंडर कर दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा के खजाने को बचाने के लिए भारतीयों का भविष्य दांव पर लगा दिया। अमेरिका और चीन की नजर भारत के लोगों के डेटा पर है। अगर अमेरिका को सुपरपावर बने रहना हैं तो इसकी चाबी भारतीय डेटा ही है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा- अगर हमारी सरकार होती और इंडिया ब्लॉक अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से बातचीत कर रहा होता तो मैं कहता कि डील पर बराबरी से बात होगी। हम आपके नौकर नहीं है। क्या अमेरिका तय करेगा कि हम किससे तेल खरीदेंगे। राहुल गांधी ने कहा- अनिल अंबानी को जेल क्यों नहीं हुई? क्योंकि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में है। मैं हरदीप पुरी से भी पूछना चाहता हूं। मैं जानता हूं कि अनिल अंबानी को एपस्टीन से किसने मिलवाया था, और हरदीप पुरी भी जानते हैं कि किसने उन्हें मिलवाया था।