विक्रम स्वामी ने कहा कि यह पदयात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन वीरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है, जिनके त्याग और बलिदान की बदौलत आज देश के नागरिक स्वतंत्र भारत में जीवन जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज हम अपने अधिकारों का उपयोग कर पा रहे हैं, अपनी बात कह पा रहे हैं और अपने सपनों को पूरा करने के लिए स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ रहे हैं। इसके पीछे स्वतंत्रता सेनानियों का संघर्ष और शहीदों का बलिदान है।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए हजारों लोगों ने अपना जीवन समर्पित किया। कई स्वतंत्रता सेनानियों ने जेल की यातनाएं सहीं और अनेक लोगों ने देश की खातिर अपने प्राणों की आहुति दी। ऐसे वीरों को याद करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
स्वामी ने कहा कि आज की पीढ़ी को भी स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और उसके पीछे हुए संघर्ष से अवगत कराने की जरूरत है। शहीदों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
पदयात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहीदों के सम्मान में नारे लगाए और उनके योगदान को याद किया। शहीद स्मारक पहुंचने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की गई।
विक्रम स्वामी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के आदर्शों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने लोगों से देश की एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान में निहित अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया।