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राजस्थान कृषि महाविद्यालय परिसर से नारी शक्ति रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महिला सुरक्षा संकल्प आयोजन के तहत उदयपुर के राजस्थान कृषि महाविद्यालय परिसर से नारी शक्ति रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली आरसीए परिसर से शुरू होकर सूरजपोल, बापू बाजार और देहली गेट होते हुए टाउन हॉल पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, महिला कांस्टेबल, अश्वारोही पुलिस बल, महिला सशक्तीकरण से जुड़ी विभिन्न झांकियां, महिला खिलाड़ी, गाइड तथा एनएसएस की स्वयंसेविकाओं सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के उदयपुर दौरे का आज दूसरा दिन है। मुख्यमंत्री आज नगर निगम के सुखाड़िया रंगमंच से जिले भर के विकास के कार्यो का लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। इसके बाद वे एकलिंगजी दर्शन कर राजसमंद जाएंगे। शाम को सीएम उदयपुर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर एसपी की बैठक भी लेंगे।मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महिला सुरक्षा संकल्प आयोजन के तहत आरसीए परिसर से 'नारी शक्ति रैली' को हरी झंडी दिखाई। रैली आरसीए परिसर से शुरू होकर सूरजपोल, बापू बाजार, देहली गेट होते हुए टाउन हॉल पहुंच कर संपन्न हुई।

रैली में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, महिला कॉन्स्टेबल, टूरिस्ट पुलिस, अश्वारोही पुलिस बल, महिला सशक्तिकरण से जुड़ी विभिन्न झांकियां, महिला खिलाड़ी, गाइड, एनएसएस स्वयंसेविकाएं आदि शामिल रहे।

इस अवसर पर मुख्य सचिव वी श्रीनिवास, सांसद डॉ मन्नालाल रावत, उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा भी मौजूद रहे।सीएम ने शनिवार को रात्रि चौपाल में बीड़ा गांव के लोगों से संवाद कर योजनाओं का फीडबैक लिया। गांव में प्रातः कालीन भ्रमण के दौरान ग्रामीणों से उनकी दिनचर्या पूछी और गांव की स्थिति जानी।

सीएम के दौरे के दौरान जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी और राजस्व मंत्री हेमन्त मीणा समेत तमाम आला अधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस मौके पर मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि यह गांव प्योर किसान और पशुपालकों का गांव है। यहां के लोगों में आत्मीयता का भाव है, गांव की संस्कृति, यहां माता-बहनों का हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की तमन्ना है, जो बहुत अच्छी है। शनिवार को हमने ग्रामीणों की समस्याएं सुनी, जिनका हमने निराकरण भी किया है।बातचीत के दौरान कई बहनों ने बताया कि पहले उनकी आजीविका अच्छी नहीं थी, लेकिन राजीविका से जुड़ने के बाद अब वह ढाई से 3 लाख रुपए महिने कमा रही हैं और अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिला रही हैं।

महिलाओं ने बताया कि यहां डेयरी नहीं है दूर जाना पड़ता था, तो हमने यहां सरस डेयरी केंद्र भी खोला है। खेल के मैदान के लिए भी पैसा मंजूर किया है।

सीएम ने कहा कि गांव बहुत अच्छा है, साफ है, सुंदर है, लेकिन उन्होंने कहा कि यहां नाली की आवश्यकता है। माता-बहनों की मांग थी, तो उसके लिए भी हमने कहा है।

मैंने सभी से कहा है कि गांव में किसी तरह का विवाद नहीं हो, बैठकर के उन विवादों को भी सुलझाएं। अगर यह काम गांव में होगा तो निश्चित रूप से गांव की समृद्धि होगी। ग्राम चौपाल के माध्यम से हम हमारे गांव को सशक्त बनाएंगे, समृद्ध बनाएंगे।

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